तेहरान। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब पांचवें सप्ताह में पहुंच गया है। रविवार को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल और ड्रोन के बड़े हमले में अमेरिकी वायुसेना का अत्याधुनिक E-3G सेंटी अवाक्स (AWACS) विमान पूरी तरह नष्ट हो गया।
IRGC ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उसने अमेरिकी ईंधन भरने और हवाई सहायता बेड़े को निशाना बनाया, जिसमें कई बड़े सैन्य विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार संस्था तसनीम न्यूज एजेंसी ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के हवाले से बताया कि ईरान ने सऊदी अरब में एक बेस को निशाना बनाकर किए गए संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक अमेरिकी E-3 AWACS जासूसी विमान को नष्ट कर दिया है।
हमला बेहद सटीक था और विमान के सबसे अहम हिस्से रडार डोम (Radar Dome) को निशाना बनाया गया। यह वही भाग होता है जिसमें AN/APY-2 सर्विलांस रडार सिस्टम लगा होता है, जो विमान की मुख्य ऑपरेशनल क्षमता का केंद्र है।
तस्वीरों में विमान के पिछले हिस्से में भारी संरचनात्मक क्षति देखी गई है। यह विमान हाल ही में ‘ऑपरेशन एपिक फयरी’ के तहत इस बेस पर तैनात किया गया था और अमेरिकी वायुसेना की 552वीं एयर कंट्रोल विंग का हिस्सा था। इस घटना के बाद अमेरिकी E-3 बेड़े में विमानों की संख्या 16 से घटकर 15 रह गई है। अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 हथियारों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।









