अमरावती में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कथित भोंदू बाबा अशोक खरात प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही रूपाली चाकणकर पर आरोप सामने आए थे, उन्हें उसी समय अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कुछ मंत्रियों के नाम भी इस प्रकरण में सामने आ रहे हैं और ऐसे सभी लोगों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से चंद्रकांत पाटील और दीपक केसरकर सहित अन्य मंत्रियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उनके नाम या कथित वीडियो सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यशोमती ठाकुर ने यह भी कहा कि राज्य के गृहमंत्री को इस पूरे मामले की जानकारी है, इसलिए सरकार को पारदर्शिता के साथ जांच कर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन-जिन लोगों के कथित वीडियो या सबूत मौजूद हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।









