गडचिरोली से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां उद्योगों के नाम पर जमीन अधिग्रहण को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार को कड़ा चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि किसानों की अनुमति के बिना एक इंच भी जमीन अधिग्रहित नहीं होने दी जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि जिले में सुनियोजित तरीके से किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की कोशिश हो रही है। खासतौर पर चामोर्शी तहसील के 14 गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ चुकी है, जबकि आने वाले समय में 33 और गांव प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने सत्ताधारी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस जमीन खरीद प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप और निजी स्वार्थ जुड़े हुए हैं। साथ ही, एमआईडीसी परियोजनाओं के लिए किसानों को दिया जा रहा 5 से 8.5 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा बेहद कम और अन्यायपूर्ण है। वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं है, बल्कि उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण से है। उन्होंने मांग की कि उद्योगों को बंजर या पड़ी हुई जमीन पर स्थापित किया जाए ताकि किसानों की आजीविका सुरक्षित रह सके। इसके अलावा, उन्होंने खनन से मिलने वाले 400 से 450 करोड़ रुपये के राजस्व के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आदिवासी इलाकों में जमीन लीज पर लेकर वहां की संस्कृति और जीवनशैली को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और भी गरमाने की संभावना है।








