गडचिरोली:महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां छात्रों को नशे की लत से दूर रखने के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
मुक्तीपथ अभियान के तहत कोरची तहसील के दवंडी जिला परिषद स्कूल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और बताया गया कि किस तरह व्यसन मानव शरीर और जीवन दोनों को बर्बाद कर देता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया पथनाट्य रहा, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। छात्रों ने काले कपड़े पहनकर और मुखौटे लगाकर विभिन्न प्रकार के नशों को ‘यमदूत’ के रूप में प्रस्तुत किया। उनके हाथों में तंबाकू, गुटखा, शराब, सिगरेट और ड्रग्स जैसे नशों के नाम वाले फलक थे। इस प्रभावशाली प्रस्तुति के जरिए “व्यसन मृत्यु का द्वार है” यह संदेश बेहद सशक्त तरीके से दिया गया। केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय जब छात्रों ने इस विषय को दृश्य रूप में देखा, तो इसका गहरा असर उन पर पड़ा। इसके बाद छात्रों ने गांव में रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया और नशामुक्त समाज बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में मुक्ति पथ के तहसील संयोजक धर्मेंद्र बोपचे ने सभी छात्रों को शपथ दिलाई कि वे खुद किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार को भी इससे बचाएंगे।
शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि बचपन में ही अच्छे संस्कार दिए जाएं, तो भविष्य में एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।







