वाशिंगटन डीसी | वाशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी संघर्ष ने दुनियाभर में कई सारी चिंताओं को जन्म दिया है। शुरुआत से बात करें तो यह संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है।
अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स’ (No Kings) रैली में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले ‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे ट्रंप सरकार की कई नीतियों से नाराज हैं। उनका गुस्सा खास तौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई और बढ़ती महंगाई को लेकर है। इस दौरान लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां, बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ जारी युद्ध के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन सभी बड़े शहरों और छोटे कस्बों में हुए, जिनमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों राज्यों के लोग शामिल थे। (पेज 6 पर)









