भंते नागार्जुन सुरई ससाई के खिलाफ विरोध
नागपुर की दीक्षाभूमि में भंते नागार्जुन सुरई ससाई के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। दीक्षाभूमि के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत भंते पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला के प्रश्नों का उत्तर देने की बजाय उनके अंग पर हाथ उठाया। यह घटना तब हुई जब दीक्षाभूमि और उसकी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हो रही थी। समाज में इस घटना ने नाराजगी और चिंता पैदा कर दी है।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि भंते नागार्जुन सुरई ससाई अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे शिल या धार्मिक आचार के पालन के बजाय अपनी हुकूमत चला रहे हैं। महिलाओं और समाज के प्रति इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। कई लोगों ने सुझाव दिया है कि ऐसे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को अध्यक्ष पद से हटाकर किसी निस्वार्थ और जिम्मेदार व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए।
समाज के विभिन्न वर्गों ने इस घटना का विरोध किया और कहा कि दीक्षाभूमि जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं है। लोग चाहते हैं कि दीक्षाभूमि का प्रशासन निष्पक्ष और शील-सम्पन्न तरीके से संचालित हो। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भंते के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं।
समाज में यह मांग जोर पकड़ रही है कि दीक्षाभूमि में अध्यक्ष का पद केवल धर्म, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा के लिए होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत मनमानी और हिंसक व्यवहार के लिए।








