नागपुर में निकली पंचशील धम्म ध्वज यात्रा
सम्राट अशोक जयंती पर भव्य आयोजन
125 फीट लंबा पंचशील ध्वज बना आकर्षण
बौद्ध समाज ने दिया शांति और समता का संदेश
नागपुर:नागपुर में भंते आर्य नागार्जुन सुराई ससाई ने पंचशील ध्वज दिखाकर भव्य “पंचशील धम्म ध्वज यात्रा” का शुभारंभ किया। यह आयोजन प्रियदर्शी चक्रवर्ती सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के उपलक्ष्य में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर दीक्षाभूमि स्मारक समिति और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा किया गया।
यह यात्रा नागपुर के रहाटे कॉलोनी मेट्रो स्टेशन चौक से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक-उपासिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पंचशील ध्वज के साथ हुई, जो शांति, समता और बौद्ध धम्म के सिद्धांतों का प्रतीक है।इस अवसर पर दीक्षाभूमि दक्षता समिति के सलाहकार किशोर गेडाम, अध्यक्ष माया उके, सम्राट अशोक सेना के आशीष बनसोड तथा सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक थुलकर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान दीक्षाभूमि स्थित सम्राट अशोक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जयंती के उपलक्ष्य में केक काटकर उत्सव मनाया गया, जिससे माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। इस धम्म यात्रा का मुख्य आकर्षण 125 फीट लंबा पंचशील ध्वज रहा, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।आयोजन को सफल बनाने में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस यात्रा ने न केवल बौद्ध समाज को एकजुट किया, बल्कि शांति, करुणा और समानता का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया। यह आयोजन नागपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने सम्राट अशोक के आदर्शों को जीवंत करने का कार्य किया।











