मुंबई:मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में संजय राऊत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हालात नियंत्रण से बाहर जाते दिख रहे हैं। राऊत के अनुसार, जनता को फिर से रॉकेल और आवश्यक वस्तुओं के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जो देश को 50 वर्ष पीछे ले जाने जैसा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के संबंध कमजोर हुए हैं और मौजूदा हालात में प्रधानमंत्री को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करनी पड़ रही है, जबकि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था। राऊत ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के समय ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर उचित मार्गदर्शन देना आवश्यक था।
तीन लीटर रॉकेल वितरण के मुद्दे पर उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता के लिए यह पर्याप्त नहीं है और यह स्थिति गलत नीतियों और कमजोर योजना का परिणाम है।
लॉकडाउन और ईंधन संकट को लेकर राऊत ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की और कहा कि जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन शुल्क में कटौती एक सकारात्मक निर्णय है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर बोलते हुए राऊत ने स्पष्ट किया कि भविष्य में उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे, जबकि आदित्य ठाकरे से जुड़ी खबरों को उन्होंने निराधार बताया।









