लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित 75वें संविधान दिवस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में नौ भाषाओं – मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, उड़िया और असमिया- में भारतीय संविधान का डिजिटल संस्करण जारी किया। कार्यक्रम के दौरान एक स्मारक पुस्तिका भारत के संविधान में कला और सुलेख का भी विमोचन किया गया।
पुरानी पार्लियामेंट बिल्डिंग, जिसे अब ‘संविधान सदन’ कहा जाता है, के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस इवेंट को एड्रेस करते हुए प्रेसिडेंट मुर्मू ने कहा कि संविधान ने देश के आत्म-सम्मान और गरिमा को पक्का किया है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान बनाने वाले चाहते थे कि हमारे निजी, डेमोक्रेटिक अधिकार हमेशा सुरक्षित रहें।
संविधान दिवस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेता शामिल हुए। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संविधान दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज ही के दिन, 26 नवंबर, 1949 को, संविधान भवन के इसी केंद्रीय कक्ष में, संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने का कार्य पूरा किया था।






