फर्जी दस्तावेज़ घोटाले पर पुलिस कार्रवाई में देरी, सोमय्या का आरोप
नगर पालिका में बड़ा फर्जीवाड़ा, किरीट सोमय्या ने की सख्त कार्रवाई की मांग
नंदुरबार शहर में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़ा एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर पालिका द्वारा 1122 फर्जी जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र अवैध रूप से जारी किए जाने का खुलासा हुआ है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमय्या ने आज नंदुरबार नगर पालिका कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और नगर पालिका के मुख्य अधिकारी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की।
किरीट सोमय्या ने मांग की कि सभी 1122 फर्जी प्रमाणपत्रों को तत्काल रद्द किया जाए और इस घोटाले में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े फर्जीवाड़े के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से अपेक्षित तेजी से कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज नागरिकता, सरकारी योजनाओं, संपत्ति लेन-देन, शिक्षा और पासपोर्ट जैसे अहम कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। ऐसे संवेदनशील दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर घोटाला होना बेहद गंभीर विषय है।
किरीट सोमय्या ने आशंका जताई कि इस रैकेट में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अंदरूनी प्रशासनिक तंत्र की भी संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने इसे साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित रैकेट करार दिया।
अब सवाल यह है कि इस मामले में वास्तविक कार्रवाई कब शुरू होगी, इस पर पूरे नंदुरबार जिले की नजरें टिकी हुई हैं।








