नागपुर स्थित दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित “32वां ऑरेंज सिटी क्राफ्ट मेला एवं लोकनृत्य समारोह” इन दिनों कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर है। 1 अप्रैल 2026 को आयोजित कार्यक्रम में “कबीर गायन” और “महाराष्ट्र के लोकनृत्य” की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध गायक मुकेश चौहान ने मालवी लोक शैली में कबीर भजनों की प्रस्तुति से की। उन्होंने “पीले अमीरसधारा गगन में झड़ी लगी” से कार्यक्रम का आगाज करते हुए “मन लागों म्हारों यार फकीरी में”, “साधो गुरु बिन जग अंधियारा” और “कहां से आया, कहां जाओगे” जैसे भजनों से आध्यात्मिक माहौल बना दिया। उनकी प्रस्तुति में दिलीप चौहान (व्हायोलिन), मनोज घोड़ावत (बागो), गुरुचरण (हार्मोनियम), सोहन भाट (मंजीरा) और अंकित मालवी (ढोलक) ने संगत दी।
इसके बाद डॉ. सानवी जेठवानी के निर्देशन में “महाराष्ट्र के लोकनृत्य” की प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में गण, गवळण, लावणी, भारुड, पोवाडा और गोंधळ जैसे विविध पारंपरिक नृत्यों का समावेश रहा। कलाकार वैशाली काकडे, अवंतिका जायभाय, अनिता नांदेडकर, रुही पेटकर और अन्य कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें ट्रांसजेंडर, महिला और पुरुष कलाकारों ने एक मंच पर आकर प्रस्तुति दी, जिससे समाज में समानता और एकता का संदेश दिया गया। साथ ही राजस्थान के कच्छी घोड़ी नृत्य ने भी बच्चों और दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
यह मेला 5 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लोक और आदिवासी नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 2 से 5 अप्रैल के बीच सिद्धी धमाल, छाऊ, ढोलु कुनिथा और बोरो नृत्य जैसे रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मेले में प्रवेश के लिए 30 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क रखा गया है। दोपहर 2 बजे से क्राफ्ट मेला और फूड जोन खुलते हैं, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होते हैं।






