लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। इससे लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन बढ़ोतरी का इंतज़ार है। 8वें वेतन आयोग के सदस्यों के नाम भी घोषित कर दिए गए हैं। इसमें जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई अध्यक्ष होंगी। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य बनाया गया है।
हालांकि, 8वें वेतन आयोग के सदस्यों के ऐलान के बावजूद कर्मचारियों को तुरंत वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें हर दस साल में लागू होती हैं। इस हिसाब से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। कैबिनेट ने अक्टूबर में जारी अपने एक नोटिफिकेशन में कहा था कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 1.1.2026 से लागू होंगी।
अभी तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें नहीं आई हैं। इसका मतलब है कि 1 जनवरी से आपका वेतन नहीं बढ़ेगा। लेकिन, केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, जब नया वेतन आयोग लागू होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाए (Arrears) 1 जनवरी 2026 से तब तक जमा होते रहेंगे जब तक 8वें वेतन आयोग की वेतन वृद्धि की घोषणा नहीं हो जाती।
हालांकि सरकार ने 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ोतरी के प्रतिशत के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर के आधार पर, केंद्र सरकार के कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर 51,480 हो सकती है।






