अनिल देसाई ने बिनविरोध चुनावों के नतीजों पर उठाए सवाल
मुंबई में स्वर्गीय मीनाताई ठाकरे की 95वीं जयंती के अवसर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और रश्मि ठाकरे ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शिवसैनिकों और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। मीनाताई ठाकरे की स्मृति को सम्मान देने के लिए विविध सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें शिवसेना के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान मीनाताई ठाकरे के सामाजिक योगदान और उनके विचारों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मीनाताई ठाकरे ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके संस्कार आज भी शिवसेना की विचारधारा में जीवित हैं।
इस कार्यक्रम के इतर, राजनीतिक गलियारों में शिवसेना नेता अनिल देसाई के बयान ने चर्चा तेज कर दी है। अनिल देसाई ने बिनविरोध चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बिनविरोध चुनावों के नतीजे गलत तरीके से घोषित किए गए, जिससे मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ा। उनके अनुसार, लोकतंत्र की मूल भावना को ठेस पहुँची है और इस पर गंभीर विचार की आवश्यकता है।
इसके अलावा अनिल देसाई ने राजनीति में दिए जा रहे कुछ विवादास्पद बयानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को भगवान मानने से संबंधित बयान राजनीति में उचित नहीं हैं और ऐसे विषयों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान भारतीय इतिहास में अत्यंत सम्माननीय है, लेकिन उन्हें राजनीतिक बहस का विषय बनाना गलत है।
इन बयानों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है।








