नई दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान द्वीप समूह के पास प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की है। यह खोज अंडमान ब्लॉक AN-OSHP-2018/1 के दूसरे अन्वेषण कुएं विजयपुरम-2 में की गई। हालांकि कंपनी ने भंडार के आकार या मात्रा के बारे में अभी कोई विवरण नहीं साझा किया है।
ऑयल इंडिया ने एक बयान में कहा, “शुरुआती जांच के दौरान कुएं से गैस रुक-रुक कर निकल रही थी। जब इसके नमूनों की परीक्षण के लिए जांच की गई, तो यह पुष्टि हुई कि वहां प्राकृतिक गैस मौजूद है। आगे गैस के स्रोत और उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए आइसोटोप परीक्षण किए जा रहे हैं।”
ओआईएल और तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) अंडमान सागर में हाइड्रोकार्बन भंडारों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस खोज से भारत की तेल और गैस की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
ओआईएल ने बताया कि “शुरुआती आकलन के अनुसार, यह खोज हाइड्रोकार्बन के स्रोत और प्रवाह मार्ग के अस्तित्व का संकेत देती है। इससे भविष्य में ड्रिलिंग और खोज रणनीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।”
कंपनी ने यह भी कहा कि वे ऊपरी संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त परीक्षण कर रहे हैं ताकि गैस की मात्रा और गुणवत्ता का सटीक आकलन किया जा सके।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक्स’ प्लेटफ़ॉर्म पर बताया कि यह खोज अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 9.2 समुद्री मील (17 किलोमीटर) दूर, पानी की 295 मीटर गहराई और कुएं की 2,650 मीटर लक्ष्यित गहराई में हुई।
उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती उत्पादन परीक्षण से 2,212 से 2,250 मीटर की गहराई में प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की पुष्टि हुई। परीक्षण किए गए नमूनों में 87% मेथेन पाया गया।
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने इस खोज को अंडमान के उथले अपतटीय क्षेत्र में जारी खोज अभियान का पहला महत्वपूर्ण परिणाम बताया। कंपनी की योजना है कि इस खोज के आधार पर भविष्य में और ड्रिलिंग और विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में और हाइड्रोकार्बन भंडारों का पता लगाया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है और देश की गैस उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।






