मुंबई/नांदेड़। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मराठवाड़ा और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। पिछले हफ्ते हुई लगातार बारिश ने किसानों की फसलों, संपत्ति और ग्रामीण इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जिलों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन अलर्ट पर है।
बांधों से पानी का नियंत्रित बहाव
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार,जयकवाड़ी बांध से फिलहाल 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो सोमवार रात तक नांदेड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। सीएम फडणवीस ने नांदेड़ प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
परभणी जिले के येलदारी बांध से 29,400 क्यूसेक, उजानी बांध से 75,000 क्यूसेक और सिना कोलेगांव से 80,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नासिक में गंगापुर और मुला बांधों से भी पानी का नियंत्रित निर्वहन जारी है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और कोंकण क्षेत्र की नदियां चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं।
बारिश और बाढ़ से अब तक का नुकसान
राज्य सरकार के अनुसार, रविवार तक 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 11,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मंजारा और तेरना नदियों का जलस्तर भी धीरे-धीरे घट रहा है।
मुख्यमंत्री की अपील और लगातार निगरानी
फडणवीस ने बताया कि बारिश की तीव्रता कम होने के बाद जयकवाड़ी, नासिक और अहिल्यानगर क्षेत्रों के बांधों से पानी छोड़े जाने की मात्रा 87,000 क्यूसेक से घटाकर 68,000 क्यूसेक कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल हर समय तैयार रहें।
फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और किसानों तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी।








