जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले में मंगलवार रात एक बड़े रेल हादसे में 38 मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतर गए। यह हादसा तब हुआ जब एक सांड (नंदी) अचानक रेलवे पटरी पर आ गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मालगाड़ी फुलेरा से रेवाड़ी जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, 38 डिब्बों में से 16 खाली थे और 22 डिब्बे चावल से भरे हुए थे। हादसे के कारण ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है और इसकी मरम्मत का काम तुरंत शुरू कर दिया गया है।
डिब्बों का भयावह मंजर
पटरी से उतरने के बाद डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए, मानो बच्चों के खिलौने एक-दूसरे पर रख दिए गए हों। चावल की बोरियां फट गईं, कुछ डिब्बे पिचक गए और ट्रैक टूट गया। ग्रामीणों ने मौके का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राहत और बचाव अभियान
रींगस और श्रीमाधोपुर के बीच न्यू रेलवे स्टेशन के पास रेलवे अधिकारियों, जीआरपी और कर्मचारियों ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया। स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया ने बताया कि ट्रैक को पूरी तरह से चालू करने में कम से कम 10-12 घंटे का समय लगेगा। फिलहाल, इस रूट पर चलने वाली ट्रेनें रोकी गई हैं या उनका रूट बदला गया है।
लगातार दूसरे दिन बड़ा रेल हादसा
बीते सोमवार को ही बीकानेर जिले में एक और मालगाड़ी के 37 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उस हादसे में अगर थोड़ी देर हुई होती, तो यात्रियों से भरी ट्रेन सीधे दुर्घटना की चपेट में आ सकती थी। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और निगरानी के महत्व को और बढ़ा दिया है।
राजस्थान में लगातार दो बड़े रेल हादसे हुए हैं, लेकिन इस बार किसी के हताहत न होने से राहत मिली है। अधिकारियों ने कहा कि आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।






