पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बिगुल के साथ ही राजनीतिक बयानों का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को औरंगाबाद में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस चुनाव में राजग का ‘विकास’ और महागठबंधन के इंडिया गठबंधन का ‘विनाश’ आमने-सामने हैं।
नड्डा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी गठबंधन के छोटे सहयोगियों का रास्ता साफ कर देती है और बिहार के विकास में बाधा डालती है। वहीं राजद (राष्ट्रीय जनता दल) पर हमला बोलते हुए उन्होंने लालू प्रसाद की पार्टी को ‘रंगदारी’, ‘जंगलराज’ और ‘दादागिरी’ का प्रतीक बताया।
नड्डा ने कहा कि तेजस्वी यादव के युवाओं को रोज़गार देने और पलायन रोकने के वादे अव्यवहारिक हैं और इससे राजद की कथित भ्रष्टाचार की छवि सामने आती है। उन्होंने दिवंगत गैंगस्टर से नेता बने मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को आगामी चुनाव में टिकट दिए जाने की आलोचना भी की, जिससे साफ होता है कि पार्टी बिहार की चिंता करने के बजाय अपने स्वार्थ में लगी है।
इससे पहले भाजपा के सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी तेजस्वी यादव के 2.6 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “इस वादे को पूरा करने के लिए लगभग 12 लाख करोड़ रुपये चाहिए, जबकि बिहार का कुल बजट केवल तीन लाख करोड़ है। ऐसे वादे केवल मतदाताओं को गुमराह करने वाले झूठे वादे हैं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि BJP का यह हमला तेजस्वी के रोजगार और युवाओं के मुद्दों पर उठाए गए वादों को चुनौती देता है और चुनाव में विकास बनाम भ्रष्टाचार की बहस को और तेज करेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव की रैलियों और बयानबाज़ी का यह दौर अगले कुछ हफ्तों तक लगातार जारी रहने की संभावना है, क्योंकि सभी दल वोटरों को प्रभावित करने के लिए अपनी रणनीति तेज कर रहे हैं।









