जलगांव। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक अभिनव कदम उठाया गया है, चोपड़ा तहसील के 26 गाँवों में डिजिटल जनगणना का पायलट प्रोजेक्ट शूरू किया जा रहा है, जो वर्ष 2026-27 की राष्ट्रीय जनगणना की तैयारी का हिस्सा है।
इस वर्ष की इस जनगणना में कागज-पेन को अलविदा कहा गया है। इसके स्थान पर मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर घर-घर एवं व्यक्ति-व्यक्ति की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
चोपड़ा तहसील में विशेष रूप से आदिवासी, पहाड़ी एवं बड़े गाँवों को इस प्रयोग के पहले चरण में शामिल किया गया है। प्रशासन ने यहाँ के नक्शों के पंजीकरण तथा अपडेट का काम शुरू कर दिया है, जिसके बाद घरों की सूची तैयार होगी।
हर प्रगणक (एन्यूमरेटर) क्षेत्र में लगभग 150 से 200 घर और करीब 700 से 800 लोगों की जनसंख्या को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार यह डिजिटल जनगणना पारंपरिक तरीके से काफी अलग और आधुनिक होगी।
प्रशासन ने कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया कागज़ रहित (paperless) होगी। इससे न केवल जानकारी एकत्र करने में तेज़ी आयेगी बल्कि डेटा का विश्लेषण और भविष्य में उपयोग भी बेहतर होगा।
साथ ही, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि जब जनगणना अधिकारी उनके घर जानकारी लेने आएँ तो पूरी और सही जानकारी दें तथा इस तकनीकी प्रयोग में सहयोग करें। इससे इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित होगी।
महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट की सफलता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। यदि चोपड़ा तहसील में यह मॉडल सफल साबित होता है, तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल क्रांति आएगी।
यह प्रयोग केवल आंकड़े इकट्ठा करने का नहीं, बल्कि नए युग की जनगणना-प्रौद्योगिकी का सितारा बनने जा रहा है। इसलिए इस पायलट की सफलता पूरे राज्य तथा भविष्य में पूरे देश के लिए मिसाल साबित हो सकती है।
(ब्यूरो रिपोर्ट – लोकवाहिनी मीडिया, नागपुर)






