नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को एक साथ दो ऐतिहासिक अवसरों पर श्रद्धांजलि दी —
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 41वीं पुण्यतिथि और भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर।
दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
“पटेल हमारे दिलों में बसे हैं” — खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा —
“संपूर्ण देश को एकता और अखंडता के सूत्र में पिरोने वाले भारत के लौह पुरुष, देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन।”
उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू स्वयं पटेल को ‘भारत की एकता का संस्थापक’ कहते थे।
खरगे ने याद दिलाया कि कराची अधिवेशन (1931) में पटेल की अध्यक्षता में पारित मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव ही आगे चलकर भारतीय संविधान की आत्मा बना।
“सरदार पटेल के विचार कांग्रेस की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं — वे सौहार्द, भाईचारे और अखंडता के प्रतीक हैं,” खरगे ने कहा।
इंदिरा गांधी के साहस और नेतृत्व को याद किया गया
इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पार्टी नेताओं ने उनके योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
खरगे ने अपने पोस्ट में लिखा —
“भारत की एकता और अखंडता को संजोए रखने के लिए जिन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता से सशक्त भारत का निर्माण किया,
ऐसी साहस की प्रतिमूर्ति, भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।”
जयराम रमेश ने याद किया बेलछी यात्रा का प्रसंग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इंदिरा गांधी के जनसंवाद और दृढ़ नेतृत्व का उदाहरण देते हुए लिखा —
“13 अगस्त 1977 को बारिश वाले दिन, उन्होंने कार, जीप और ट्रैक्टर से यात्रा कर अंत में हाथी पर सवार होकर बिहार के बेलछी गांव पहुंचीं,
जहाँ उन्होंने जातिगत हिंसा से पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद किया। यही वह क्षण था जिसने उनके राजनीतिक पुनरुत्थान की राह खोली।”
उन्होंने यह भी बताया कि अगले ही दिन इंदिरा गांधी ने पटना में अपने कटु राजनीतिक विरोधी जयप्रकाश नारायण (जेपी) से मुलाकात की और दोनों ने चार दशकों की अपनी साझा स्मृतियों को याद करते हुए लम्बी बातचीत की।
सरदार पटेल और इंदिरा गांधी — दो युग, एक भावना
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भले ही सरदार पटेल और इंदिरा गांधी दो अलग युगों के नेता रहे हों,
लेकिन दोनों में एक समान दृष्टि थी — भारत की एकता, अखंडता और शक्ति का निर्माण।
पटेल ने 562 रियासतों के एकीकरण से राष्ट्र को जोड़ा, जबकि इंदिरा गांधी ने कठिनतम चुनौतियों के बीच मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी।
कांग्रेस का संदेश: “एकता और बलिदान की परंपरा”
कांग्रेस ने कहा कि 31 अक्टूबर का दिन सिर्फ स्मरण का नहीं, बल्कि एकता, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात करने का अवसर है।
पार्टी नेताओं ने अपील की कि देश उन मूल्यों को याद रखे जिन पर इन दोनों नेताओं ने भारत की नींव रखी थी —
“एकता में शक्ति, सेवा में महानता।”









