नागपुर, संवाददाता:नागपुर शहर में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार सुबह पूर्व नागपुर के भांडेवाड़ी क्षेत्र में एक तेंदुआ अचानक एक घर में घुस गया और सीधे दूसरे माले तक पहुँच गया। करीब नौ बजे सामने आई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में बाहर निकल आए।
भांडेवाड़ी क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ देखे जाने की चर्चा चल रही थी। बुधवार को वह अचानक एक घर में घुस गया। घटना के समय परिवार के सदस्य अपने कार्य में व्यस्त थे। ऊपर की मंजिल से तेज आवाजें सुनाई देने पर वे यह मानकर ऊपर गए कि कोई पालतू जानवर होगा, लेकिन तेंदुए को देखकर तुरंत घर से बाहर निकल गए। थोड़ी ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, जिससे हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई।
वन विभाग का बचाव अभियान
सूचना मिलते ही वन्यजीव वार्डन अजिंक्य भटकर और टीटीसी सेंटर के स्वप्निल बोधाने मौके पर पहुँचे। जाँच में पुष्टि हुई कि घर में घुसा जानवर तेंदुआ ही है। इसके बाद वन विभाग, पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और पशु बचाव टीम ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई। वन अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ संभवतः भोजन या पानी की तलाश में भांडवाड़ी के जंगल क्षेत्र से बस्ती की ओर आया होगा। शहर का तेजी से फैलता दायरा और जंगल व डंपिंग यार्ड के पास की बस्तियाँ अब वन्यजीवों की आम आवाजाही का केंद्र बन रही हैं।
वन विभाग की टीम लगभग चार घंटे तक तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश करती रही। तेंदुआ के लुकाछिपी के चलते, वन अधिकारियों के लिए उसके पास पहुँचना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार, अनुभवी अधिकारियों ने सही समय पर एक तीर चलाकर तेंदुए को बेहोश करने में कामयाबी हासिल की। प्रारंभिक जाँच के बाद, उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में डाल दिया गया। गनीमत रही कि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तेंदुए को कोई चोट नहीं आई है। उसे पकड़ने के बाद, वन विभाग ने उसे इलाज और देखभाल के लिए टीटीसी केंद्र में स्थानांतरित कर दिया।






