नाशिक की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता विनायक पांडे ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। टिकट न मिलने से नाराज़ पांडे के इस फैसले को शिवसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
विनायक पांडे ने कहा कि वे पिछले 43 वर्षों से शिवसेना के साथ जुड़े हुए थे और पार्टी के लिए लगातार काम करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में उनके बेटे का टिकट काटा गया और इस बार भी वही स्थिति दोहराई जा रही है। इससे वे बेहद आहत हुए हैं।
आगे बोलते हुए पांडे ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने संजय राऊत से भी बातचीत की थी, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि जब इतने वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाए, तो पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
हालांकि, विनायक पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें उद्धव ठाकरे से कोई व्यक्तिगत नाराज़गी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछली बार टिकट को लेकर उनके साथ जो अन्याय हुआ, वह मामला आगे चलकर हिंसक झगड़े तक पहुंच गया था, जिससे पार्टी की छवि भी प्रभावित हुई।
पांडे ने कहा कि अगर क्षेत्र का विकास करना है, तो वह भाजपा में रहकर ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि उन्हें भाजपा से टिकट जरूर मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि उनका पूरा पैनल भाजपा में शामिल होगा, जिससे नाशिक की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।









