लोकवाहिनी, संवाददाता नयी दिल्ली। कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को जोर देकर कहा कि कांग्रेस एक विचारधारा है और विचारधाराएं कभी नहीं मरतीं। खड़गे ने इंदिरा भवन स्थित पार्टी मुख्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के महान नेताओं के कारण ही भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन पाया।
उन्होंने कहा, “रविवार को स्थापना दिवस पर मैं उन लोगों से एक बात स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ, जो कहते हैं कि कांग्रेस का अंत हो गया है। मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि हमारी शक्ति भले ही कम हो गई हो, लेकिन हमारा हौसला अब भी बुलंद है। हमने किसी से समझौता नहीं किया, न संविधान से, न धर्मनिरपेक्षता से और न ही गरीबों के अधिकारों से। हम भले ही सत्ता में न हों, लेकिन हम समझौता नहीं करेंगे।”
खड़गे ने बताया कि कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगा और जोर देकर कहा कि पार्टी ने कभी मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत नहीं फैलाई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एकत्र करती है, (जबकि) भाजपा बांटती है। कांग्रेस ने धर्म केवल आस्था तक ही सीमित रखा, लेकिन कुछ लोगों ने धर्म को राजनीति में घसीट लिया। आज भाजपा सत्ता में है, लेकिन उसके पास सच्चाई नहीं है। इसलिए कभी आंकड़े छिपाए जाते हैं, कभी जनगणना रोक दी जाती है, कभी संविधान बदलने की बात होती है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग आज इतिहास पर भाषण दे रहे हैं, उनके पूर्वज इतिहास से भाग रहे थे। उन्होंने जोर देकर कहा, “कांग्रेस एक विचारधारा है और विचारधाराएं कभी नहीं मरतीं।” खड़गे ने यह भी कहा कि वर्ष 2025 महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने का शताब्दी वर्ष, संविधान को अपनाए जाने की 75वीं वर्षगांठ और वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 दादाभाई नौरोजी की 200वीं वर्षगांठ, सरोजिनी नायडू के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी और ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ गीत की शताब्दी है, जिसे पहली बार दिसंबर 1925 में कानपुर कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि भारत की स्वतंत्रता के समय के आसपास कई देशों ने स्वतंत्रता प्राप्त की, जिनमें से कुछ देश असफल रहे, जबकि अन्य में तानाशाही का बोलबाला रहा। उन्होंने दावा किया, केवल भारत ही ऐसा देश है, जहाँ लोकतंत्र जीवित है। कांग्रेस के महान नेताओं की बदौलत ही भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन पाया है।






