लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। मनपा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि के पूर्व सोमवार मध्यरात्रि के करीब गतिरोध आखिरकार सुलझ गया और नागपुर में शिवसेना (शिंदे गुट) को 8 सीटें देने का फैसला किया गया। भाजपा और शिवसेना के पदाधिकारियों के बीच एक लंबी बैठक हुई और उसमें यह फॉर्मूला तय किया गया। इसी बीच, गठबंधन को लेकर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर एनसीपी (अजीत पवार गुट) ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
सोमवार रात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर भाजपा और शिवसेना के पदाधिकारियों की बैठक हुई। भाजपा की ओर से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक प्रवीण दटके, विधायक कृष्णा खोपड़े, विधायक मोहन माटे और संजय भेंडे उपस्थित थे। भाजपा के युवा गठबंधन में नए और युवा चेरों को भी मौका दिया गया है, जिनमें पूर्व पार्षद और पूर्व महापौर शामिल हैं। इसलिए भाजपा ने 120 सीटों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पुराने और नए चेहरों को मिलाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उम्मीदवारों को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवारी एबी फॉर्म (AB Form) भी दिया गया है।
उम्मीदवारों की सूची में भाजपा ने कई पुराने चेहरों को मौका दिया है। इनमें वार्ड 12 से पूर्व महापौर मायाताई इवनाते, विनोद कान्हेर और पूर्व पार्षद प्रगति पाटिल को शामिल किया गया है। वहीं, कई क्षेत्रों में नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। इनमें भाजपा भाजयुमो की पदाधिकारी शिवानी दानी और निधि तेलगोटे की उम्मीदवारी शामिल है। इसके अलावा, पूर्व विधायक नाना श्यामकुले के बेटे अमोल श्यामकुले को वार्ड 36 से उम्मीदवार बनाया गया है।








