लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। महापालिका चुनावों के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि पर गरमागर्मी के बीच नागपुर शहर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के एक उम्मीदवार के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, ताकि वह अपना नामांकन वापस न ले सकें। भाजपा ने अपने एबी फॉर्म में वार्ड 13 (डी) से विजय झोले और किसान गावंडे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में पार्टी ने गावंडे से चुनावी मैदान से हटने को कहा। इस फैसले से भाजपा कार्यकर्ताओं का एक वर्ग नाराज हो गया जो वार्ड 13 (डी) के अंतर्गत आने वाले हजारीपहाड़ इलाके से प्रतिनिधित्व चाहता था। गावंडे के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, ताकि वह निर्वाचन अधिकारी से मिलकर अपना नामांकन वापस न ले सकें, और इस दौरान नारेबाजी भी की।
प्रभाग 13-डी से भाजपा ने दो उम्मीदवारों किसन गावंडे और विजय झोले को एबी फॉर्म दिया था। हालांकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि से एक दिन पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने किसन गावंडे को अपना नामांकन वापस लेने का निर्देश दिया। जैसे ही यह जानकारी गावंडे के समर्थकों तक पहुंची, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें नामांकन वापस लेने से रोकने का प्रयास करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किसन गावंडे को उनके घर के अंदर ही रोक लिया।
समर्थकों ने आवास के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक से डेढ़ घंटे तक यह पूरा घटनाक्रम हाईवोल्टेज ड्रामे में तब्दील रहा, जिससे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। भाजपा के विधान परिषद सदस्य परिणय फुके और स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाया, जिसके बाद गावंडे ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
गावंडे ने कहा, “इलाके के भाजपा कार्यकर्ता चाहते थे कि मैं चुनाव लड़ूं, इसलिए वे नाराज हो गए। हम पार्टी नेतृत्व के फैसले को समझते हैं और इसी वजह से मैंने नामांकन वापस ले लिया।” भाजपा ने 151 सीटों में से 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि शिवसेना के कोटे से 6 उम्मीदवार भी भाजपा से ही हैं।






