जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड फर्जीवाड़ा – सायबर जांच जारी
ग्राम पंचायत की वास्तविक आबादी केवल 1,400, रिकॉर्ड 27,000 – मामला संदिग्ध
यवतमाल जिले में सायबर अपराध से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और मृत्यु दस्तावेज़ ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने बिहार राज्य से आरोपी आदर्श कुमार दुबे (उम्र 20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने का गंभीर आरोप है।
यह पूरा मामला जिल्हा आरोग्य अधिकारी डॉ. सुभाष धोले की शिकायत के बाद उजागर हुआ। जांच के दौरान सामने आया कि आर्णी तालुका अंतर्गत शेंदुरसनी ग्राम पंचायत के CRS (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) में मात्र कुछ महीनों के भीतर 27,000 से अधिक जन्म प्रमाणपत्र और 7 मृत्यु प्रमाणपत्र दर्ज किए गए हैं। जबकि संबंधित ग्राम पंचायत की वास्तविक जनसंख्या लगभग 1,400 ही है, जिससे पूरे प्रकरण पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सायबर तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया। मामले की तहकीकात उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाणे के नेतृत्व में की गई। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आदर्श कुमार दुबे को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 12 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे सायबर फर्जीवाड़े का एक बड़ा संगठित नेटवर्क होने की संभावना है। आगे की जांच में अन्य आरोपियों और इस रैकेट से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के CRS डेटा की भी गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।









