लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान होगा और सबकी नजर मुंबई पर टिकी है, जहाँ आर्थिक रूप से समृद्ध बीएमसी (BMC) पर शासन को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ‘महायुति’ और ठाकरे बंधुओं के मोर्चे के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नगर निकायों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, शरद पवार, अजित पवार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है।
महाराष्ट्र के नगर निकायों की 2,869 सीटों के लिए 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू होगा और शाम 5:30 बजे समाप्त होगा। कुल 3.48 करोड़ मतदाता 15,931 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें मुंबई के 1,700 और पुणे के 1,166 प्रत्याशी शामिल हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी।
राज्य के 29 नगर निगमों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मुंबई में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए मुंबई पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मतदान और मतगणना के दिन शहर भर में भारी पुलिस बल की तैनाती रहेगी, जिसमें 10 अपर पुलिस आयुक्त, 33 पुलिस उपायुक्त, 84 सहायक पुलिस आयुक्त, 3,000 से अधिक पुलिस अधिकारी और 25,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल होंगे। इसके साथ ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों में एसआरपीएफ (SRPF) की प्लाटून, क्विक रिस्पांस टीम (QRT), बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS), रिजर्व कांस्टेबल पुलिस (RCP) प्लाटून और होमगार्ड्स की तैनाती भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति या पुलिस सहायता की जरूरत पड़ने पर तत्काल 100 या 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। वहीं नागपुर मनपा चुनाव में करीब 5 हजार 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में जुटे हैं।
29 नगर निगमों के चुनाव छह साल से अधिक समय के अंतराल के बाद हो रहे हैं, क्योंकि इनके कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गए थे। इन नगर निगमों में छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, मुंबई, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भयंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं।
चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, दो दशक पहले अलग हुए चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर साथ आए हैं। वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने गठबंधन किया है। इस चुनाव में विपक्षी कांग्रेस ने मुंबई में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए महाविकास अघाड़ी (MVA) के अपने सहयोगियों शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की राकांपा (एसपी) का साथ छोड़कर अलग राह अपनाई है।





