नवी मुंबई में भाजपा की जीत के बाद तंज की राजनीति, ‘टांगा पलटी’ बैनरों की धूम
नवी मुंबई महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए एक बार फिर सत्ता पर कब्जा कर लिया है। चुनाव नतीजों के बाद जहां आमतौर पर जीत के जश्न में अभिनंदन और धन्यवाद के बैनर लगाए जाते हैं, वहीं इस बार नवी मुंबई में राजनीतिक तंज कसने वाले बैनरों ने सबका ध्यान खींचा है। शहर के कई हिस्सों में लगे “टांगा पलटी हुआ और घोड़े बेपत्ता हो गए” जैसे बैनर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला चुनाव प्रचार के दौरान हुई जुबानी जंग से जुड़ा है। प्रचार के समय शिवसेना शिंदे गुट के नेता और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता गणेश नाईक के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी। उस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा था कि “जनता गणेश नाईक का टांगा पलट देगी।” इस बयान पर पलटवार करते हुए गणेश नाईक ने तंज कसते हुए कहा था, “टांगा मेरा नहीं है, उनका ही टांगा पलटेगा और घोड़े बेपत्ता हो जाएंगे।”
यह बयान पूरे चुनावी माहौल में काफी चर्चित रहा और सोशल मीडिया से लेकर जनसभाओं तक इसकी गूंज सुनाई दी। अब जब भाजपा ने नवी मुंबई महानगरपालिका में सत्ता हासिल कर ली है, तो उसी बयान को लेकर शिंदे गुट पर कटाक्ष करने वाले बैनर शहर में लगाए गए हैं। इन बैनरों को भाजपा समर्थकों की ओर से लगाया गया बताया जा रहा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर किसी भी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैनरबाजी महज सत्ता संघर्ष के बाद की राजनीतिक चुटकी है, लेकिन इससे साफ है कि नवी मुंबई की राजनीति में बयानबाजी और प्रतीकों की जंग अभी खत्म नहीं हुई है।












