लोकवाहिनी संवाददाता मुंबई। जल को पांच तत्वों में से एक माना जाता है। इसीलिए जल का मानव जीवन में अद्वितीय महत्व है। आज यह पानी महाराष्ट्र में राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के माध्यम से आम लोगों तक पहुँचाया जाता है और यह पानी सभी की जरूरतों को पूरा करता है। बहरहाल, जनता तक पानी पहुँचाने वाला महाराष्ट्र सरकार का जल संसाधन विभाग जहाँ अपने अराजक मामलों के साथ चल रहे शिकायती हलफनामों से आहत नज़र आ रहा है, वहीं माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव के पास एक और शिकायत आई है। प्राप्त शिकायत अब तक प्राप्त सभी शिकायतों से भिन्न है।
यह शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और केंद्रीय अपराध जाँच विभाग (CBI) द्वारा गहन जाँच की माँग करती है। यह शिकायत यह अनुमान लगा सकती है कि पूरा खाता किस स्तर पर जा रहा है। जब हमारे प्रतिनिधि से पूछा गया कि इस विभाग को क्यों बदनाम किया जा रहा है, तो हर किसी की जुबान पर एक ही नाम है। यह शिकायत उनके काम करने के तरीके को लेकर है। इन सभी प्रक्रियाओं के लिए एक ही शख्स जिम्मेदार है, वो है जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कपूर। जब दैनिक लोकवाहिनी ने जल संसाधन विभाग से जानकारी निकाली तो इस दीपक कपूर के कई कारनामे सामने आए। ऐसा कहा जाता था कि अगर आप इस हिस्से के कमरों की दीवारों से बात करें तो इन दीवारों के पीछे बहुत सारी जानकारी छिपी हुई है।
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