लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के मेयर पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को घोषित कर दी गई। 29 नगर निगमों में से मुंबई समेत 15 में महिलाएं महापौर होंगी। गुरुवार को मुंबई में लॉटरी सिस्टम से इन्हें चुना गया।
आरक्षण की इस प्रक्रिया में पहले अनुसूचित जनजाति (एसटी), उसके बाद अनुसूचित जाति (एससी), फिर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अंत में सवसाधारण (जनरल) वर्ग का आरक्षण निकाला गया। परभणी नगर निगम पर महिला महापौर को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है।
लॉटरी सिस्टम पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला लेने के नियम बिना किसी को बताए बदल दिए गए। पिछले दो मेयर सामान्य वर्ग के थे, इसलिए नई मेयर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से होना चाहिए था।
29 में से 12 सीटें एसटी, एससी, ओबीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि 17 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। शिंदे के गढ़ ठाणे में महापौर एससी कैटेगरी का होगा। मुंबई में 8वीं बार महिला को यह पद मिलेगा। इससे पहले किशोरी पेडणेकर मेयर थीं। इन नगर निगमों में 15 जनवरी को मतदान हुआ था और रिजल्ट 16 जनवरी को आया था। (पृष्ठ 6 पर)












