नाशिक:नाशिक जिला देशभर में प्याज उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मजदूरों की कमी, बढ़ती लागत और पारंपरिक खेती पद्धतियों के कारण किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए येवला तालुका के कुछ प्रगतिशील प्याज उत्पादक किसानों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
ये किसान अब ऑनियन सीडलिंग ट्रांसप्लांटर मशीन की मदद से प्याज की रोपाई कर रहे हैं। इस मशीन के उपयोग से कम समय में, कम मजदूरों के सहारे और समान दूरी पर रोपाई संभव हो पा रही है। इससे न केवल श्रम लागत में कमी आई है, बल्कि खेती की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में भी सुधार हुआ है।
किसानों के अनुसार, पहले जहां एक दिन में केवल एक से डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ही प्याज की रोपाई हो पाती थी, वहीं अब इस मशीन की मदद से आसानी से तीन से चार एकड़ तक रोपाई की जा रही है। इससे समय की बचत हो रही है और मौसम के अनुसार समय पर खेती संभव हो पा रही है।
इस नए प्रयोग से येवला तालुका के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की मशीनों को व्यापक स्तर पर अपनाया गया, तो नाशिक जिले की प्याज खेती को नई दिशा मिल सकती है और किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।








