अजित पवार के निधन के समय किया गया राजनैतिक खेल निंदनीय
महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ तटकरे का कदम
रत्नागिरी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने सुनील तटकरे के राजनैतिक कदमों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद सुनील तटकरे द्वारा किया गया “गलिच्छ राजकारण” महाराष्ट्र के लिए लाजिरवाना है।
कदम ने बताया कि अजित दादा के निधन के समय भी तटकरे ने शरद पवार को शह देने के लिए वहिनी (अजित पवार की पत्नी) को मंत्रालय में शपथ दिलवाने की योजना बनाई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह दस दिन और इंतजार करते तो क्या होता। इस दौरान घर में सुतक की परंपरा का पालन नहीं किया गया, और वहिनी को तुरंत मुंबई लाकर शपथ दिलवाना महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है।
रामदास कदम ने तटकरे की इस चाल को “चालाक और चाणाक्ष” करार देते हुए इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की हिंदू परंपरा में परिवार के सदस्य के निधन के बाद कम से कम दस दिन सुतक पालन किया जाता है और इस दौरान कोई राजनीतिक कार्य नहीं किया जाता। लेकिन तटकरे ने इस परंपरा का उल्लंघन किया, जो कि महाराष्ट्र के नागरिकों के लिए अपमानजनक है।
कदम ने जोर देकर कहा कि सुनील तटकरे द्वारा किया गया यह व्यवहार महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है और राज्यवासियों के लिए यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मराठी समाज इस गलिच्छ राजकारण को कभी माफ नहीं करेगा।








