100% नुकसान का दावा, रिपोर्ट में 50% दर्ज
निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी
जालना जिले के करजत गांव के किसान राधाकिसन डोंगरे ने इस वर्ष 2.70 हेक्टेयर जमीन पर ‘मुन्नी’ किस्म की अरहर (तूर) की खेती की थी। लेकिन फसल में एक भी फली नहीं लगने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसान का दावा है कि फसल का 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है, जिससे उनकी पूरी मेहनत और निवेश व्यर्थ हो गया।
इस मामले में डोंगरे ने कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। उनका आरोप है कि खेत का निरीक्षण करने के बाद भी अधिकारियों ने केवल 50 प्रतिशत नुकसान का पंचनामा तैयार किया और बीज कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट दी। किसान का कहना है कि यह रिपोर्ट वस्तुनिष्ठ और न्यायसंगत नहीं है।
डोंगरे ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई तो वे अपने परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। इस चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस घटना को लेकर किसानों में रोष है। उनका कहना है कि यदि बीज ही खराब होगा तो किसान बर्बाद हो जाएगा। किसानों ने मांग की है कि बीज की गुणवत्ता की जांच की जाए और दोषी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है।









