मजहरखान की जमानत रद्द, दो हफ्ते में सरेंडर का आदेश
छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलताबाद स्थित कोहिनूर महाविद्यालय के संचालक मजहरखान अनवरखान को फर्जी एलएलबी डिग्री मामले में बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया जमानत आदेश अब सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि प्रकरण की गंभीरता और आरोपों को देखते हुए जमानत रद्द की जाती है।
आरोप है कि मजहरखान ने उत्तर प्रदेश के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से एलएलबी की फर्जी डिग्री हासिल की, जबकि वहां संबंधित समय में एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित ही नहीं था। इसी कथित फर्जी डिग्री के आधार पर उन्होंने दिल्ली बार एसोसिएशन में सदस्यता प्राप्त की। मामला उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में उन्होंने उच्च न्यायालय से जमानत हासिल कर ली थी।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता जेबा इंद्रीस खान ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर मजहरखान पर दर्ज अन्य आपराधिक मामलों और कथित रूप से छुपाई गई जानकारी की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय को जमानत रद्द करने के निर्देश दिए और मजहरखान को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। इस प्रकरण में उनकी पत्नी आस्मा खान और भाई मकसूद खान के खिलाफ भी मामले दर्ज हैं।









