पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
ठाणे जिले में अंगणवाड़ी सेविकाओं ने नए श्रमिक कानून के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह आंदोलन विभिन्न श्रमिक संघठनों की ओर से आयोजित किया गया।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए इस नए कानून का लाभ बड़े उद्योगपतियों जैसे अंबानी और अदानी को होगा, जबकि आम श्रमिक भविष्य में असुरक्षित और कमजोर स्थिति में रहेंगे। सेविकाओं ने कहा कि नए कानून में श्रमिकों के अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं की गई है और यह केवल बड़े उद्योगपतियों की मुनाफाखोरी को बढ़ावा देता है।
अंगणवाड़ी सेविकाओं ने अपनी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने और कथित ‘काला कानून’ को रद्द करने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि पहले संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसलिए अब आंदोलन और तीव्र किया जाएगा।
सेविकाओं ने जोर देकर कहा कि उनका यह आंदोलन केवल अपने हक़ के लिए है और वे भविष्य में भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने को तैयार हैं। प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी और सेविकाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई समाधान निकाला जाए।
धरना प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों ने ‘हमारे हक़ हमारी आवाज़’ और ‘नवीन कानून रद्द करो’ जैसे नारे लगाकर आंदोलन की दिशा स्पष्ट की। इस धरने ने ठाणे जिले में नए श्रमिक कानून के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








