भ्रष्टाचार और राजनीतिक विवादों में महायुती की चुनौती
मुस्लिम नेताओं और वंदे मातरम् विवाद पर पटोले की तीखी टिप्पणी
नाना पटोले ने नागपुर में कहा कि बीजेपी ने प्यारे खान को बड़े पद पर बैठाकर बड़े ठेके दिए हैं, इसलिए दूसरों पर दोषारोपण से पहले अपने पक्ष पर ध्यान देना चाहिए। जळगाव पिक विमा घोटाले में सरकार और कुछ कृषिक अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं, जिससे प्रामाणिक किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा। नरहरी झिरवाळ लाच प्रकरण में भ्रष्टाचार की व्यापकता उजागर हुई, जबकि चंद्रपूर में कांग्रेस और बीजेपी के अंदरूनी विवाद भी चर्चा में हैं।
बांग्लादेश और फेरीवालों के अतिक्रमण मामले में आरोपों की सत्यता पर नाना पटोले ने कुछ कहने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि सोयाबीन की कीमत गिरने और मोदी-ट्रम्प समझौते के कारण किसानों की स्थिति गंभीर है। नोटबंदी और नए आचार संहिता मामलों पर भी पटोले ने बीजेपी की आलोचना की।
परभणी में मुस्लिम महापौर, सलमान खान और नागपुर के प्यारे खान के मामले पर उन्होंने सवाल उठाया कि मुस्लिम नेताओं के प्रति अलग दृष्टिकोण क्यों अपनाया जाता है। वंदे मातरम् के विरोध और तिरंगा फहराने के मामलों पर भी उन्होंने RSS और बीजेपी की नीतियों की आलोचना की।
राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में महायुती के भीतर मतभेद और शशिकांत शिंदे, पवार परिवार की एकता पर भी चर्चा की। शंभूराज देसाई के आरोपों के मद्देनजर पटोले ने कहा कि बीजेपी की बढ़त घट सकती है और राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है।








