मिलिंद नारिंगे ने महाराज की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर किया अभिवादन
स्वराज्य को लोककल्याण की संकल्पना बताते हुए समाजहित के कार्यों की दी प्रेरणा
विद्यार्थी, कर्मचारी और माजी विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित, कार्यक्रम ने आदर्शों का संदेश दिया
नागपुर स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (महाज्योती) में गुरुवार को हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक और रयते के राजा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती अत्यंत उत्साहपूर्ण माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम में संस्था के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और पूर्व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत महाज्योती के व्यवस्थापकीय संचालक मिलिंद नारिंगे द्वारा शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित मान्यवरों ने भी महाराज को श्रद्धांजलि दी और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी प्रशांत वावगे और प्रकल्प संचालक कुणाल शिरसाठे की प्रमुख उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मार्गदर्शन करते हुए मिलिंद नारिंगे ने छत्रपती शिवाजी महाराज के दूरदृष्टि नेतृत्व, प्रजा के प्रति संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण राज्य प्रशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वराज्य केवल सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि यह लोककल्याण की संकल्पना है। उन्होंने उपस्थित सभी को महाराज के विचारों से प्रेरणा लेने और समाजहित के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रकल्प अधिकारी धम्मा गजभिये, विकास तिडगुल , मयूर चव्हाण, कार्यालयीन अधीक्षक शुभम वैलथरे समेत महाज्योती के सभी अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों और नेतृत्व का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया।








