कैलास और निखिल फड ने आरोपों को खारिज किया, कहा “संपर्क कभी नहीं हुआ”
बीड़:परली के एक कथित आर्थिक विवाद प्रकरण में अब नया मोड़ आया है। नागपुर निवासी रंजना नागपूरकर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद कैलास फड और निखिल फड, पिता-पुत्र ने खुद मीडिया के सामने आकर इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हम उस महिला को पहचानते भी नहीं, कभी मिले नहीं और कोई संवाद भी नहीं हुआ। बंदूक दिखाने का आरोप पूरी तरह निराधार है।”
फड पिता-पुत्र ने कहा कि घटनाओं और तारीखों की जांच के लिए उनके कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन की पूरी तरह से जाँच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कानूनी चौकशी के लिए तैयार हैं और यदि दोषी पाए गए तो उचित सजा भोगने को तैयार हैं।
इस मामले में माजी मंत्री और विधायक धनंजय मुंडे का नाम भी सामने आने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मची है। लेकिन फड पिता-पुत्र ने साफ किया कि इस पूरे प्रकरण का उनका या धनंजय मुंडे का कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें और उनकी छवि को बदनाम करने के लिए यह प्रयास किया गया है।
निखिल फड ने आरोप लगाया कि एक विशेष जाति के कारण उन्हें ‘सॉफ्ट टार्गेट’ बनाया जा रहा है। उन्होंने बीड़ और नागपुर पुलिस अधीक्षकों से सखोल जांच की मांग की और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने आरोपों को बदनामीकारक बताया और अब्रूनुकसानी का दावा दर्ज कराने का इशारा भी किया।
अब इस प्रकरण में पुलिस की जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है, इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।








