नई दिल्ली | देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर एकीकृत भारत के उस सपने को साकार किया, जिसे सरदार पटेल ने आज़ादी के तुरंत बाद देखा था।
शाह ने शुक्रवार सुबह मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर देशवासियों को एकता और अखंडता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत सरदार पटेल की दूरदर्शिता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और लौह-संकल्प का परिणाम है।
“जब देश आज़ाद हुआ, तब अंग्रेजों ने भारत को 562 रियासतों में बाँटने की योजना बनाई थी। दुनिया को लगा था कि यह कभी एक नहीं हो पाएगा, लेकिन पटेल ने असंभव को संभव किया,” शाह ने कहा।
गृह मंत्री ने याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर का भारत से पूर्ण एकीकरण अनुच्छेद 370 के हटने के बाद ही संभव हुआ। उन्होंने कहा —
“प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर सरदार साहब के अधूरे कार्य को पूरा किया। आज हमारे पास एक अखंड और एकजुट भारत है।”
कांग्रेस पर निशाना
शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरदार पटेल को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान कभी नहीं मिला।
“कांग्रेस शासन में न तो उनके नाम पर कोई स्मारक बना और न ही उन्हें भारत रत्न देने में जल्दबाजी दिखाई गई। उन्हें यह सम्मान मिलने में 41 साल लग गए,” शाह ने कहा।
उन्होंने बताया कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही सरदार पटेल की स्मृति में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का विचार रखा था, जिसकी नींव 31 अक्टूबर 2013 को रखी गई और केवल 57 महीनों में यह भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो गई।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ — गर्व का प्रतीक
182 मीटर ऊँची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण में देशभर के किसानों द्वारा दिए गए औजारों का उपयोग किया गया। इससे लगभग 25,000 टन लोहा इकट्ठा हुआ, जिसका प्रयोग प्रतिमा में किया गया।
शाह ने बताया —
“यह प्रतिमा आज विश्वभर में भारत की इंजीनियरिंग, एकता और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। अब तक 2.5 करोड़ से अधिक पर्यटक यहाँ आ चुके हैं।”
सरदार पटेल: किसानों और एकता के प्रतीक
अमित शाह ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा —
“सरदार साहब राष्ट्रीय एकता, अखंडता और किसानों के सशक्तीकरण का प्रतीक हैं। उन्होंने रियासतों का विलय कर देश को एक सूत्र में बाँधा और किसानों को आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।”
शाह ने कहा कि पटेल का मानना था कि भारत के विकास की धुरी किसानों की समृद्धि में निहित है, और आज वही विचार प्रधानमंत्री मोदी के ‘नए भारत’ की नींव हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2025
मोदी सरकार हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती है, ताकि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को याद किया जा सके। इस बार पटेल जयंती के अवसर पर गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में एक भव्य परेड और श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
सरदार पटेल का योगदान
सरदार वल्लभभाई पटेल को 550 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का श्रेय जाता है। उन्हें “लौह पुरुष” कहा गया — जिन्होंने राजनीतिक कौशल, कूटनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति से भारत के नक्शे को एकजुट राष्ट्र के रूप में परिभाषित किया।









