नाशिक में पेड़ों की कटाई के विरोध में नागरिकों ने बड़ा मोर्चा निकाला। इस मोर्चे में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। खास बात यह रही कि इस आंदोलन में अमित ठाकरे भी शामिल हुए और उन्होंने नागरिकों के साथ मिलकर पेड़ों को बचाने की मांग की।
अमित ठाकरे ने कहा कि आमतौर पर नेताओं के नेतृत्व में मोर्चे निकाले जाते हैं, लेकिन आज नागरिक खुद पेड़ों के संरक्षण के लिए सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने बताया कि वे केवल नागरिकों का समर्थन करने और उनके साथ खड़े होने के लिए इस आंदोलन में शामिल हुए हैं।
उन्होंने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि आखिर पेड़ों को क्यों काटा जा रहा है, इसका स्पष्ट और संतोषजनक जवाब दिया जाना चाहिए। जब तक प्रशासन की ओर से उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता, तब तक एक भी पेड़ काटने नहीं दिया जाएगा।
अमित ठाकरे ने यह भी याद दिलाया कि जब उनकी सत्ता थी, तब भी कुंभ मेले का आयोजन किया गया था। उस समय बिना किसी पेड़ को काटे साधुग्राम का निर्माण किया गया था, जिससे यह साबित होता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ संभव है।
उन्होंने बताया कि तपोवन स्थित सेंटर को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। इस मुद्दे और पेड़ों की कटाई को लेकर महापौर के साथ बैठक भी हुई है। इस बैठक में एक समन्वय समिति बनाने का निर्णय लिया गया है, जो इस पूरे मामले पर आगे चर्चा करेगी।
अमित ठाकरे ने कहा कि समिति की आगामी बैठक में वे भी शामिल होंगे। यदि अगले सप्ताह तक बैठक नहीं होती या कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि समिति के लिए उनकी ओर से 12 से 15 नाम प्रस्तावित किए जाएंगे।







