कुरनूल। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। हैदराबाद जा रही एक निजी बस चिन्नातेकुर के पास एक मोटरसाइकिल से टकरा गई और टक्कर के कुछ ही सेकंड में बस आग की चपेट में आ गई। इस खौफनाक दृश्य में 19 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि 27 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
हादसे के बाद बस के अंदर ऐसा मंजर था कि कई शवों की पहचान कर पाना मुश्किल हो गया है। मृतकों में 17 वयस्क और 2 नाबालिग शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों में 6 आंध्र प्रदेश, 6 तेलंगाना, 1 बिहार, 1 ओडिशा, 2 तमिलनाडु, 2 कर्नाटक के निवासी शामिल हैं और एक शव अभी पहचान रहित है। दुर्घटना के वक्त बस में कुल 4 बच्चे भी सवार थे।
सरकार की कार्रवाई और मुआवज़ा घोषणा
राज्य की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच समिति गठन करने की घोषणा की।
अनीता ने बताया कि बस के पास अखिल भारतीय परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र मौजूद था, फिर भी ऐसी भयावह घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दुर्घटना की जांच के लिए 16 फोरेंसिक टीमें और पुलिस की 4 टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि हादसे के कारणों का पूरा खुलासा हो सके। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है और जिम्मेदार लोगों पर FIR दर्ज कर ली गई है।
हादसे पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि लगातार होने वाले ऐसे हादसों पर अब जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
खरगे ने लिखा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और मृतकों के परिवारों को न्याय मिलना चाहिए, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इन दोनों हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, वाहन फिटनेस और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। परिवारों की चीखें, जली हुई बस और मौके पर बिखरा सन्नाटा इस त्रासदी को लंबे समय तक याद रखने पर मजबूर कर देगा। सरकार की जांच और वादे कितने प्रभावी साबित होते हैं, यह आने वाला समय बताएगा।











