जालना – सड़क हादसे में मृत युवक के अंगदान से छह मरीजों को नया जीवन
जालना – शहर में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे 25 वर्षीय धनंजय अनंत काले का सड़क हादसे में निधन हो गया। हादसे के बाद उन्हें संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ब्रेन इंजरी के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। दुख की इस घड़ी में धनंजय के परिवार ने मानवता और समाज सेवा की मिसाल पेश करते हुए उनके अंगदान का निर्णय लिया।
धनंजय के अंगदान की प्रक्रिया को त्वरित और सुरक्षित बनाने के लिए जालना से पुणे तक ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया। संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से उनके अंगों का संग्रह किया गया और प्रत्यारोपण के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। फेफड़े और लीवर पुणे के अस्पतालों में प्रत्यारोपण के लिए भेजे गए, जबकि उनकी किडनी छत्रपति संभाजीनगर के अस्पतालों में प्रत्यारोपित की जाएगी। इसके अलावा, उनकी आंखों की रेटिना जालना भेजी गई।
इस साहसिक और जीवनदान देने वाले निर्णय से कुल छह मरीजों को नया जीवन मिलने जा रहा है। चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन ने इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और परिवार के योगदान की सराहना की।
धनंजय के परिवार ने इस कठिन समय में भी समाज सेवा और मानवता को प्राथमिकता देते हुए अंगदान का निर्णय लिया, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। यह घटना अंगदान की आवश्यकता और इसके महत्व को उजागर करती है और दिखाती है कि किसी की मृत्यु भी कई लोगों के जीवन को संजीवनी दे सकती है।









