16 तारीख को सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने का दावा
भीतरघात और साजिश के आरोपों से गरमाई सियासत
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इम्तियाज जलील ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि औरंगाबाद अब MIM का गढ़ बन चुका है और विरोधी दलों को यह बात समझ लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में मिली जीत के बाद पार्टी को हराने का काम भीतरघातियों और दलालों ने किया।
इम्तियाज जलील ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जिस गिरोह ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया था, वही टोली एक बार फिर सक्रिय हो गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि ओवैसी साहब कहें तो वे एक मिनट में पद छोड़ने को भी तैयार हैं। उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि 16 तारीख को औरंगाबाद में सबसे बड़ा जनसमूह MIM का ही होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध धंधे करने वाले लोग MIM से डरते हैं, क्योंकि पार्टी ने हमेशा भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई है। राशन चोरी से जुड़े लोगों द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया। पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए जलील ने कहा कि यदि चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से लड़ा गया, तो MIM भी शांति से चुनाव लड़ेगी, लेकिन पार्टी को कमजोर समझने की भूल न की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतुल सावे और संजय शिरसाट ने वोट काटने के लिए कुछ लोगों को पार्टी में घुसाया है। इस दौरान उन्होंने बताया कि अकबर ओवैसी भी औरंगाबाद दौरे पर आने वाले हैं। 12 और 13 जनवरी को वे शहर में ही रुकेंगे, जबकि 11 जनवरी को ओवैसी की पदयात्रा निकाली जाएगी। जलील ने अंत में कहा कि किसी भी हाल में 16 तारीख को औरंगाबाद में सबसे बड़ा राजनीतिक जल्लोष देखने को मिलेगा।









