बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले महीने हुई हिंसा के सिलसिले में जिला प्रशासन की कार्रवाई शनिवार को तेज हुई। मौलाना तौकीर रज़ा खान के करीबी सहयोगी डॉ. नफीस के स्वामित्व वाले अवैध रूप से बने ‘रज़ा पैलेस’ बैंक्वेट हॉल को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और जिला प्रशासन की टीम ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
कार्यवाही जिलाधिकारी अविनाश सिंह की देखरेख में सुबह शुरू हुई और कई घंटों तक चली। अधिकारियों ने बताया कि किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके की बिजली पहले काट दी गई थी। पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीख के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी के जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की।
दोपहर करीब तीन बजे तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे और मुख्य द्वार तोड़कर ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। बीडीए की टीम ने लगभग तीन घंटे में हॉल के अवैध हिस्सों को गिराया और परिसर को सील किया। बीडीए के उपाध्यक्ष मणिकंदन ए. ने कहा, “कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई है। किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया गया है।”
इस कार्रवाई के साथ ही शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान भी जारी रहा। बरेली नगर निगम की टीम ने सैलानी इलाके में लगभग 15 दुकानों के अतिक्रमण को हटाया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि ठेले और अवैध निर्माण हटाकर मार्ग को पूरी तरह खाली कराया गया।
बरेली दंगों के सिलसिले में अब तक 83 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा और उनके करीबी सहयोगी डॉ. नफीस शामिल हैं।
साथ ही प्रशासन ने मौलाना तौकीर रज़ा के सहयोगी फरहत खान के फाइक एन्क्लेव स्थित आलीशान घर को भी सील कर दिया। फरहत पर आरोप है कि उन्होंने तौकीर रज़ा को आर्थिक मदद और पनाह दी। बीडीए और पुलिस की टीम ने नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद घर को खाली पाकर मुख्य द्वार तोड़कर सील कर दिया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली दंगों में शामिल आरोपियों और उनके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है। किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।











