हाजीपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने औरंगाबाद, हाजीपुर और बेगूसराय में आयोजित चुनावी सभाओं में स्पष्ट किया कि बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता के लिए नहीं, बल्कि “राजग के विकास” और “महागठबंधन के विनाश” के बीच की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने कांग्रेस को “परजीवी पार्टी” और राजद को “जंगलराज, रंगदारी और दबंगई का प्रतीक” बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
नड्डा ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार की जनता राजद और कांग्रेस के शासनकाल का इतिहास अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि वह दौर अराजकता, जंगलराज और विकास में रुकावटों का दौर था, जिसने बिहार को दशकों पीछे धकेल दिया। नड्डा ने यह भी कहा कि महागठबंधन केवल सत्ता पाने के लिए गठित एक अपवित्र गठबंधन है, जो राज्य के लिए विनाश लेकर आएगा।
राजद के चुनावी वादों पर कटाक्ष करते हुए नड्डा ने कहा कि “भूमि के बदले नौकरी” के घोटाले की याद दिलाने वाले ये घोषणाएं केवल जनता को भ्रमित करने की कोशिश हैं। उन्होंने दिवंगत अपराधी मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब को टिकट देने पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस तरह की पार्टी बिहार की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती।
अपने बिहार से जुड़े अनुभव साझा करते हुए नड्डा ने कहा कि उनका जन्म पटना में हुआ और उन्होंने बचपन के 20 साल बिहार में बिताए। उन्होंने बताया कि उन्होंने जंगलराज के अंधकार और आज के विकास के उजाले दोनों देखे हैं। इसके बाद उन्होंने डबल इंजन सरकार के तहत राज्य में किए गए विकास कार्यों की झड़ी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि रेल बजट में 10 गुना वृद्धि की गई, 44 वंदे भारत ट्रेनों में से 26 बिहार के लिए हैं, छठ पर्व के दौरान विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 12,000 की गई। उन्होंने महिला रोजगार योजना, लड़कियों को साइकिल देने, छात्रवृत्ति और आरक्षण जैसे कामों का भी उल्लेख किया।
नड्डा ने कहा कि राजग सरकार ने बिहार को नक्सलवाद और अपराध के खौफ से मुक्त किया है और अब राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का समय है। उन्होंने लालू प्रसाद पर बिना नाम लिए आरोप लगाया कि अपहरण और फिरौती जैसे अपराध उनके शासनकाल में आम थे।
अंत में नड्डा ने मतदाताओं से अपील की कि वे विकास और सुशासन के लिए राजग उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनका कहना था कि बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में लाने के लिए डबल इंजन सरकार का लगातार रहना अपरिहार्य है।











