मराठी लोग वोट के लिए भीख नहीं देंगे – परिणय फुके
भाजपा विधायक फुके का दावा – ठाकरे भाईयों की मंशा राजनीतिक, जनता समझ रही
मुंबई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने हाल ही में अपनी युती की घोषणा की है, जिसे लेकर भाजपा के विधायक परिणय फुके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। फुके ने आरोप लगाया कि दोनों भाई किसी के भले या मुंबई के विकास के लिए नहीं बल्कि भय के कारण एकत्र आए हैं।
परिणय फुके ने कहा कि विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने मनसे और अन्य दलों को पीछे छोड़कर अंतिम स्थान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव और राज ठाकरे ने मुंबई शहर से मराठी माणसों को हद्दपार करने का काम किया है। फुके ने आगे कहा कि पिछले कई वर्षों से मुंबई महानगरपालिका की सत्ता इनकी हाथों में रही, लेकिन इनकी नीतियों और कार्यों के कारण शहर की स्थिति खराब हुई।
भाजपा विधायक ने स्पष्ट किया कि अगर आज ये दोनों भाई मराठी माणसों के नाम पर वोट मांग रहे हैं, तो मराठी समाज उन्हें भीख देने के लिए तैयार नहीं है। फुके ने यह भी जोड़ा कि मुंबई की जनता अपने हक और विकास के लिए जागरूक है और इस युती के पीछे की मंशा को समझ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि फुके का यह बयान शिवसेना और मनसे के बीच गठबंधन और मुंबई की राजनीति में आगामी चुनावों पर प्रभाव डाल सकता है। मुंबई में चुनावी रणनीतियों और जनता की प्रतिक्रियाओं पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
इस तरह के तीखे बयान शहर की राजनीतिक हलचल और मतदाताओं के मूड को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं, और आगामी चुनावों में राजनीतिक दलों के लिए रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण संकेत हैं।









