लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में शहरी क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। भाजपा गठबंधन ने शानदार एकतरफा जीत हासिल की। गुरुवार को हुए महत्वपूर्ण मतदान के बाद मतगणना से सत्तारूढ़ दल ने २९ नगर निगमों में से २५ में भाजपा गठबंधन ने कब्जा जमाया।
मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में भाजपा + शिवसेना (शिंदे) अलायंस ने कुल २२७ सीटों में से ११५ सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी-चिंचवड़, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नासिक और सोलापुर में भी भाजपा गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की। लातूर में कांग्रेस ने जीत हासिल की है, वहां ७० में से ४३ सीटें जीतीं।
शुक्रवार को नगर निगम चुनाव की सुबह १० बजे से काउंटिंग शुरू हुई। राज्य में निगम चुनाव के लिए १५ जनवरी को वोटिंग हुई थी। ८९३ वार्डों में कुल १५,९३१ उम्मीदवार मैदान में थे। नगर निगम की कुल २८६९ सीटें हैं, इनमें से ६८ उम्मीदवार निर्विरोध जीत हासिल कर चुके थे।
महायुति गठबंधन ने प्रतिष्ठित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे ठाकरे परिवार के दशकों के एकतरफा वर्चस्व का अंत हुआ और भारत के सबसे समृद्ध नागरिक निकाय के प्रशासन में एक ऐतिहासिक बदलाव आया। भाजपा गठबंधन में निर्विवाद रूप से बड़े भाई के रूप में उभरी और राज्य के द्वितीयक शहरी केंद्रों में अपनी जबरदस्त ताकत का प्रदर्शन किया। नागपुर में पार्टी ने अपना पारंपरिक गढ़ बरकरार रखा और १०२ से अधिक वार्डों में जीत हासिल करते हुए कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया।
पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे में भी इसी तरह के नतीजे देखने को मिले, जहां अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महायुति गठबंधन से अलग होकर अपने चाचा शरद पवार की राकापा (एसपी) के साथ चुनाव लड़ी थी। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उनकी कड़ी चुनौती और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को सफलतापूर्वक मात दी।
मुंबई स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में चुनाव परिणामों का जश्न मनाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को ‘महाविजय’ बताया और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित विकासोन्मुखी राजनीति में मतदाताओं के विश्वास का प्रमाण बताया। इन नतीजों से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक अहम उम्मीद मिली है, जिनकी शिवसेना की शाखा ने मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में शानदार प्रदर्शन किया है।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई वार्डों में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को उसके गढ़ में ही कड़ी चुनौती मिली। वर्षों से, बीएमसी को ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का अजेय गढ़ माना जाता था। भाजपा की जीत के साथ, मुंबई की राजनीति का विमर्श अब मराठी अस्मिता से हटकर भाजपा के विकास और शहरी अवसंरचना के एजेंडे के समर्थन में जनादेश की ओर मुड़ गया है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा कि बीएमसी चुनावों में भाजपा और शिवसेना का दमदार प्रदर्शन चुनाव प्रचार के दौरान उनके हिंदुत्व के एजेंडे को स्पष्ट जनादेश है। राणे ने ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट किया— “जो हिंदू हित की बात करेगा, वो महाराष्ट्र पर राज करेगा।”












