लोकवाहिनी, संवाददाता ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) देश के ऐतिहासिक संसदीय चुनावों के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के बीच शानदार जीत दर्ज की और दो दशक के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी के लिए तैयार है। ये चुनाव ऐसे समय में हुए हैं, जब देश उथल-पुथल भरी राजनीतिक शून्यता, अस्थिरता और सुरक्षा की नाजुक स्थिति से गुजर रहा है। देश में पिछले साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक पैमाने पर हमले हुए हैं। छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 15 साल के शासन के बाद सत्ता से हटना पड़ा था।
जानकारी के मुताबिक बीएनपी गठबंधन ने 299 सीटों में से 212 सीटें हासिल कर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया। अब तक 297 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 77 सीटें मिली हैं। देश में करीब 20 साल बाद बीएनपी की सरकार बनेगी। 2008 से 2024 तक वहां शेख हसीना की आवामी लीग सत्ता में थी।
इस जीत के साथ बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं। बांग्लादेश चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी बुरी तरह हारी है।









