नयी दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को एक बड़ी भ्रष्टाचार कार्रवाई करते हुए रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के एकीकृत वित्तीय सलाहकार (IFA) अधिकारी अशोक कुमार जाधव को 3.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने वायुसेना केंद्र पर सीसीटीवी लगाने के लिए आपूर्ति आदेश को मंजूरी देने के बदले यह राशि वसूल की। यह मामला सीसीटीवी कंपनी के मालिक की शिकायत पर सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अधिकारी और वायुसेना का एक हवलदार कुल 2.5 करोड़ रुपये के अनुबंध को मंजूरी देने के लिए करीब चार लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे, जो अनुबंध राशि का लगभग 2 प्रतिशत था।
सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान एक जाल बिछाया और अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद जाधव को अहमदाबाद के विशेष न्यायाधीश से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद पुणे के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें चार अक्टूबर, 2025 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जांच अधिकारीयों ने बताया कि व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्डिंग में जाधव की भूमिका स्पष्ट रूप से दर्ज थी, जबकि हवलदार ने फोन का जवाब नहीं दिया। इस गिरफ्तारी से यह संदेश दिया गया है कि सरकारी अनुबंधों और आपूर्ति आदेशों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई सतत और सख्त रहेगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के जरिए अन्य सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि रिश्वतखोरी के मामलों में कोई छूट नहीं होगी।
इस मामले में जाधव पर लगे आरोप गंभीर हैं क्योंकि इसमें न केवल वित्तीय अनुचितता शामिल है बल्कि वायुसेना के संवेदनशील केंद्रों में अनुबंध की स्वीकृति को लेकर भी भ्रष्टाचार के संकेत हैं। सीबीआई ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक करते हुए कहा कि जांच और गिरफ्तारी पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और भविष्य में ऐसे मामलों पर सतत निगरानी रखी जाएगी।











