2,500 किलो खिचड़ी, हजारों मुस्कानें और बदलते सपने
एकता खिचड़ी: जब स्वाद में घुल जाए इंसानियत
नागपूर:कैद की दीवारों के भीतर उम्मीद, एकता और बदलाव का जो मनमोहक दृश्य उभरा, उसने पूरे परिसर में सकारात्मकता का नया रंग भर दिया। प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर की पहल पर आयोजित ‘एकता खिचड़ी’ अभियान ने आज जेल को एक अनोखी गर्माहट से भर दिया।
सुबह आठ बजे शेफ विष्णुजी खुद कैदियों के बीच पहुँचे और विशाल कड़ाहों में २५०० किलो खिचड़ी बनाने की तैयारी शुरू हुई। यह खिचड़ी सिर्फ चावल और दाल का मिश्रण नहीं थी… बल्कि भरोसे, मानवीयता और नई शुरुआत की खुशबू उसमें साथ-साथ पक रही थी।
दोपहर तक यह सुगंधित खिचड़ी ३ हजार कैदियों के थाली तक पहुँची। उनके लिए यह थाली सिर्फ भोजन तो था ही पर यह बदलाव का स्वाद, नई उम्मीद की चिंगारी और अतीत को पीछे छोड़ने का साहस बनकर उतरा।
कैदियों ने भी इस उपक्रम में उत्साह से हाथ बँटाया और मानसिक, भावनात्मक व सामाजिक स्तर पर नई ऊर्जा महसूस की। आज नागपुर जेल ने एकता खिचडी के साथ सचमुच ‘एकता का उत्सव’ जिया।











