बंदियों ने गीत और नृत्य प्रस्तुत कर दिखाया सांस्कृतिक कौशल
शिवाजी महाराज के जीवन और योगदान पर प्रबोधनात्मक व्याख्यान
चित्रकला, निबंध लेखन और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में बंदियों को सम्मानित किया गया
नागपुर:नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में 19 फरवरी 2026 को छत्रपती शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाराष्ट्र कारागृह विभाग के “सुधारणा पुनर्वसन” ब्रांड के अंतर्गत कारागृह में बंदियों की कला और प्रतिभा को उजागर करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
मा. सुहास वारके, अपर पुलिस महासंचालक एवं महानिरीक्षक, और योगेश देसाई, विशेष कारागृह महानिरीक्षक के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। बंदियों ने शिवराय की पालखी को गीत और नृत्य के ताल में पूरी कारागृह में घुमाया और शिवराय की मूर्ति का दर्शन कराया।
कार्यक्रम के दौरान विपश्यना हॉल में महिलाओं और पुरुष बंदियों के लिए छत्रपती शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित प्रबोधनात्मक व्याख्यान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी प्रविण अविनाश योगी ने शिवाजी महाराज के सैन्य और प्रशासनिक जीवन की जानकारी दी, जिसमें उनका 15 वर्ष की उम्र में स्वराज्य निर्माण और जनते के लिए किए गए योगदान को दर्शाया गया। बंदियों ने गीत और नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखाई। अमोल राऊत ने “दैवत छत्रपती” और “जय भवानी जय शिवाजी”, कवडु क्षिरसागर ने “माझ्या जिजावूची पुण्याई” प्रस्तुत किया। रामा शाहाकार और पोमेश देढे ने नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगाए। अध्यक्ष कारागृह अधीक्षक वैभव आगे ने बंदियों को शिवाजी महाराज के गुणों का पालन करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन अतिरीक्त अधीक्षक दीपा आगे ने किया।








